अध्याय 99

समर की नज़र से

“क्या तुम्हें सच में लगता है कि ये सब यही है?” मैंने धीमे से पूछा। “ख़ैरात?”

“तो और क्या है?” उसकी हँसी में कड़वाहट थी। “तुम्हें पता है मैं अब क्या हूँ? बस एक बिकाऊ इंसान। स्कॉलरशिप वाला लड़का, जिसने पैसे ले लिए। MIT गया, समर। सब खत्म। मेरे पास बस वही पैसा है जो मैंने उन लोगों स...

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